Thursday, May 14, 2026
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ऋषिकेश में रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस सेटिंग का डर दिखाकर कारोबारी से वसूले लाखों रुपये

ऋषिकेश: हत्या के प्रयास और लूट जैसे गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर कारोबारी से लाखों रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का ऋषिकेश पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन और कई अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र के गंगानगर निवासी कारोबारी अतुल गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग लगातार उन्हें और उनके परिवार को गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देकर दबाव बना रहे हैं। आरोपित हत्या के प्रयास और लूट जैसे मामलों में नामजद कराने का भय दिखाकर मोटी रकम की मांग कर रहे थे।

शिकायत में कारोबारी ने बताया कि अनुज गोयल नामक व्यक्ति खुद को पुलिस से सेटिंग रखने वाला बताता था। वह दावा करता था कि उसके पुलिस अधिकारियों से संबंध हैं और वह मामले को दबा सकता है। इसके बदले में उसने 20 से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।

पीड़ित कारोबारी ने बताया कि लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के चलते आरोपितों ने शुरुआती तौर पर उससे दो लाख रुपये भी वसूल लिए। इसके बाद भी लगातार बाकी रकम की मांग की जा रही थी। कारोबारी और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश की निगरानी में गठित टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल सर्विलांस, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल माध्यमों की गहन पड़ताल की गई।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस ने आरोपी शुभम चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से एक लाख 83 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए। पुलिस के मुताबिक यह रकम कारोबारी से वसूले गए पैसों का हिस्सा थी।

इसके बाद पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता अनुज गोयल को लच्छीवाला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से कारोबारियों को निशाना बनाकर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने का भय दिखाता था और फिर मोटी रकम वसूलता था।

पुलिस अब आरोपितों के आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अन्य कारोबारियों को भी इसी तरह निशाना बनाया है या नहीं।

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