विकासनगर/सहसपुर: उत्तराखंड के सहसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत खुशहालपुर में शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार काली जीप ने घर के बाहर खेल रही 7 वर्षीय मासूम बच्ची को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।
खेलते समय काल बनी तेज रफ्तार जीप
जानकारी के अनुसार, खुशहालपुर निवासी रफाकत सड़क किनारे अंडे की ठेली लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शनिवार को उनकी बेटी तसमीया (7 वर्ष) घर के पास ही खेल रही थी। सड़क पार करने के दौरान देहरादून की ओर से आ रही एक बिना नंबर प्लेट की काले रंग की जीप ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तसमीया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने शव सड़क पर रख लगाया जाम
मासूम की मौत से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सूचना मिलते ही सहसपुर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक विकास रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी और हाईवे पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लिया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई बिना नंबर की जीप
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। फुटेज में काली जीप बच्ची को टक्कर मारते हुए साफ नजर आ रही है, लेकिन वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया, “पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है। जस्सोवाला से जमनीपुर और बरोटीवाला तक के सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, पीड़ित पक्ष ने फिलहाल लिखित शिकायत देने से इनकार किया है, लेकिन पुलिस आसपास के थानों के साथ समन्वय कर वाहन को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।”
बेहोश हुए पिता, ईद की खुशियां मातम में बदलीं
रमजान के पाक महीने में हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। रफाकत के घर में ईद की तैयारियां चल रही थीं और पाक महीने के चलते व्यापार भी अच्छा चल रहा था, लेकिन एक झटके में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे के बाद अपनी मासूम बेटी को लहूलुहान देख पिता रफाकत मौके पर ही बेहोश हो गए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि हाईवे पर वाहनों की जांच बढ़ाई जाए और ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।