सितारगंज। जायडस फैक्टरी की अवैध बंदी को समाप्त कर पुन: बहाली की मांग के लिए 212 दिन से आंदोलन कर रहे श्रमिकों ने रविवार को उपवास रखकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि फैक्टरी बंद होने से 1200 श्रमिकों के परिवार भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। उन्होंने फैक्टरी को पुन: शुरू करने और कार्य बहाली की मांग उठाई। इस दौरान नगर पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए उनके साथ उपवास रखा और धरने पर बैठे।
रविवार को महाराणा प्रताप चौराहे पर जायडस फैक्टरी के श्रमिक व कर्मचारी मांगों के लिए एक दिवसीय उपवास पर बैठे। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार फैक्टरी की बंदी को अवैध घोषित कर चुकी है। श्रमिक श्रम विभाग में अपना प्रत्यावेदन भी दे चुके हैं लेकिन फैक्टरी प्रबंधन हठधर्मिता अपना रहा है और अभी तक कार्यबहाली नहीं की है। व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने भी श्रमिकों की मांगों का समर्थन किया। एक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने श्रम विभाग के अफसरों से फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धरने पर जायडस वेलनेस इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष विकास सती, महामंत्री उमेश गोला, धर्मेंद्र सिंह, रंजना राणा, चंदन बोरा, अनूप पटवाल, लीलाधर भट्ट, भरत जगवाण, मोहन सिंह बिष्ट, जयप्रकाश आदि बैठे थे।