हरिद्वार: धर्मनगरी Haridwar से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार के पांच सदस्यों ने स्वेच्छा से सनातन धर्म को अपनाया। धार्मिक विधि-विधान के साथ हुए इस कार्यक्रम में परिवार के सभी सदस्यों ने गंगा स्नान कर यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण किया और नए नामों के साथ अपने जीवन की नई शुरुआत की।
जानकारी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद शहजाद अब ‘शंकर’ के नाम से जाने जाएंगे, जबकि उनकी पत्नी रजिया ने ‘सावित्री’ नाम धारण किया है। इसी क्रम में उनकी ज्येष्ठ पुत्री का नाम ‘रुक्मणी’, कनिष्ठ पुत्री का ‘दीक्षा’ और पुत्र का ‘रुद्र’ रखा गया।
यह धार्मिक अनुष्ठान Chandi Ghat Brahmakund क्षेत्र में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगाजल से स्नान कराई गई शुद्धि प्रक्रिया से हुई। इसके बाद यज्ञ संपन्न कराया गया और फिर विधिवत यज्ञोपवीत संस्कार कराते हुए परिवार का नामकरण किया गया।
पूरी प्रक्रिया Gauri Shankar Temple Gaushala परिसर में संतों के सान्निध्य में संपन्न हुई। इस दौरान संत राम विशाल दास महाराज के सान्निध्य और अरुण कृष्ण महाराज के मार्गदर्शन में आचार्य कुलदीप विद्यार्थी और अनुज शास्त्री ने सभी धार्मिक विधियां पूर्ण कराईं।
कार्यक्रम में संत समाज के कई प्रमुख संत और पदाधिकारी मौजूद रहे। परिवार के सनातन धर्म अपनाने पर संत समाज की ओर से उनका स्वागत किया गया और उन्हें सनातन परंपराओं के पालन का संकल्प दिलाया गया।
परिवार ने इस अवसर पर कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से सनातन धर्म को अपनाया है और आगे भी इसके मूल्यों और परंपराओं का पालन करेंगे। यह घटना हरिद्वार में चर्चा का विषय बनी हुई है।