Saturday, October 24, 2026
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हरिद्वार में सनसनीखेज खुलासा: बेटे ने ही रची रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की हत्या की साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार: करोड़ों की संपत्ति के लालच में बेटे ने ही अपने पिता की हत्या करवाई, तीन गिरफ्तार

हरिद्वार में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी भगवान सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस वारदात को बेटे ने पहले अज्ञात लिफ्ट मांगने वाले शख्स द्वारा की गई हत्या बताया था, वह कहानी पूरी तरह फर्जी निकली। जांच में सामने आया कि यह हत्या खुद मृतक के बेटे यशपाल ने अपने दो दोस्तों की मदद से करवायी थी। संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उसने पूरी साजिश रची और पिता को मौत के घाट उतरवा दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

लिफ्ट मांगने वाले बदमाश की कहानी थी झूठ

29 नवंबर की रात यशपाल ने कंट्रोल रूम पर फोन कर बताया था कि वह पिता के साथ रोशनाबाद शादी में जा रहा था। जटवाड़ा पुल के पास एक व्यक्ति ने लिफ्ट मांगी और कार में बैठते ही उसके पिता को गोली मारकर फरार हो गया।
पुलिस जब मौके पर पहुंची और यशपाल से पूछताछ की तो वह अपने बयान बदलने लगा। शादी किस दोस्त की थी, वह साफ-साफ नहीं बता सका। इसी से पुलिस को उसकी कहानी पर शक हुआ और जांच का रुख बेटे की ओर हो गया।

पूछताछ में टूट गया बेटा, कुबूला अपराध

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि सख्ती से पूछताछ करने पर यशपाल टूट गया और उसने स्वीकार कर लिया कि पिता की हत्या उसी ने दोस्तों के साथ मिलकर करवायी है।
पुलिस के मुताबिक मृतक भगवान सिंह के पास करोड़ों की संपत्ति थी और बेटे की गलत आदतों को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। यशपाल कई बार संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाता था, लेकिन उसके पिता तैयार नहीं हुए। इसी रंजिश में उसने हत्या की योजना बनाई।

30 लाख रुपये और स्कॉर्पियो में की थी सुपारी तय

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यशपाल ने अपने दोस्तों ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर के साथ 30 लाख रुपये और एक स्कॉर्पियो देने का सौदा तय किया था।
29 नवंबर की दोपहर तीनों ने नहर पटरी की रेकी करने के बाद रात को वारदात को अंजाम देने की तैयारी की।

दोस्त की शादी का झांसा देकर ले गया पिता

रात करीब आठ बजे यशपाल पिता को दोस्त की शादी का बहाना बनाकर कार में ले गया। जटवाड़ा पुल से आगे बैराज के पास उसके दोनों साथी पहले से मौजूद थे।
योजना के तहत यशपाल ने कार रुकवाई, खुद ड्राइवर सीट पर बैठा और राजन को अपना दोस्त बताकर अंदर बुलाया।
कुछ ही देर में राजन ने तमंचे से भगवान सिंह की कनपटी पर दो गोलियां मार दीं और फरार हो गया। इसके बाद यशपाल ने अनजान बनते हुए 112 पर कॉल कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

साजिशकर्ता बेटे सहित तीन गिरफ्तार

पुलिस ने यशपाल, ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर को गिरफ्तार कर लिया है।
राजन के किराए के कमरे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा, एक खोखा कारतूस, वारदात के समय पहने कपड़े और जूते बरामद हुए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले में चार्जशीट जल्द दायर की जाएगी और आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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