Monday, November 2, 2026
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हरिद्वार: टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री पुत्र की शादी पर बवाल, मंदिर समिति पर केस दर्ज, वन कर्मियों से मांगा गया स्पष्टीकरण

हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर शादी की तैयारियों से जुड़ी तस्वीरें वायरल होने के बाद वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मंदिर समिति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही संबंधित वन कर्मियों से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को मंत्री खजान दास के पुत्र के विवाह समारोह की तैयारियां मंदिर परिसर में शुरू हुईं। इस दौरान पंडाल, कुर्सियां, खाना बनाने के उपकरण, कूलर, जनरेटर समेत कई ऐसे सामान की तस्वीरें सामने आईं, जिनका उपयोग टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में प्रतिबंधित है।

जैसे ही यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, वन विभाग हरकत में आया। रविवार को प्रस्तावित विवाह से पहले ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पंडाल और अन्य अस्थायी संरचनाएं हटवा दीं।

राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रभारी निदेशक राजीव धीमान ने बताया कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पार्क वार्डन को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित वन कर्मियों से स्पष्टीकरण लेकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, राजाजी टाइगर रिजर्व के वार्डन अजय लिंगवाल के अनुसार, मंदिर समिति द्वारा केवल भंडारे की अनुमति ली गई थी। सूचना मिलने पर प्रतिबंधित सामग्री को तुरंत हटवा दिया गया। इस मामले में मंदिर समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री खजान दास ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि शादी के लिए मंदिर समिति से विधिवत अनुमति ली गई थी और टाइगर रिजर्व के निदेशक को भी आमंत्रित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया और उनके बेटे का विवाह माता के आशीर्वाद से सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

मंदिर समिति के सदस्य आशीष मारवाड़ी ने भी सफाई देते हुए कहा कि विवाह समारोह पूरी तरह पारंपरिक और सादगी के साथ आयोजित किया गया था। मंदिर परिसर में भंडारा किया गया, जो सामान्य रूप से भी आयोजित होता है और इसमें कोई नियम उल्लंघन नहीं हुआ।

फिलहाल, वन विभाग पूरे प्रकरण की जांच में जुटा हुआ है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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