Thursday, April 2, 2026
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मिले यदि प्रेम का प्याला जहर भी जाम होता है

बाजपुर। भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें बाहर से आए कवियों ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर दर्शकों को खूब हंसाया। शनिवार देर शाम रामभवन धर्मशाला में आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ वयोवृद्ध भाजपा नेता योगराज पासी, परिषद के राष्ट्रीय अधिकारी नरेंद्र अरोरा, संस्कार भारती के राष्ट्रीय अधिकारी देवेंद्र रावत, जिला प्रचारक सौरव, अजय अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार ने संयुक्त रुप से किया। संचालन कर रहे डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा – ‘पुत्र भारत देश के जो देश को अखंड रखें ऐसी देवभूमि की जवानी को नमन है, युवाओं का तन-मन झकझोर देने वाली क्रांतिकारियों की हर कहानी को नमन है’…, यूपी के बाराबंकी से आए कवि शिव किशोर तिवारी खंजन ने कहा – ‘मिले यदि प्रेम का प्याला जहर भी जाम होता है, हृदय जो प्रेम में डूबा वो प्रभु का धाम होता है’…, मुरादाबाद के मयंक शर्मा ने कहा-‘मृत्तिका की सर्जना में तेल बाती सा जलूं, एक दीपक तुम बनो तो एक दीपक में बनूं’…।
इसी क्रम में दिल्ली के विनोद पाल ने कहा – ‘आपके लिए चंद कतरे लहू के लाया हूं, मुरझा गया हूं पर फूल खुशबू के लाया हूं’…, पीलीभीत की एकता तिवारी ने कहा -‘एक फूलों से सजती हुई मैं तेरी पालकी हो गई, तू मेरे नाम का हो गया मैं तेरे नाम की हो गई’…, सुल्तानपुर के आचार्य अभिमन्यु तरंग ने कहा-‘संस्कार हीनता और नग्नता सीखा रहे जो, ऐसा प्रैंक वीडियो भी बंद होना चाहिए’…, नोएडा के अमित शर्मा ने कहा -‘युवा देश का जब-जब रण में अपनी ताकत तौलेगा, चप्पा-चप्पा इस भारत का वंदे मातरम बोलेगा’…। कवि प्रियांशु गजेंद्र ने कहा -‘कहीं प्रशंसा कहीं से ताली, कहीं भरा मन कहीं से खाली’…, प्रतापगढ़ की साक्षी तिवारी ने कहा -‘अजमेर भी प्यारा है प्यारी मथुरा-काशी, हम मलय तमिल के हों या हो बंगलाभाषी’…, बाजपुर की काव्या श्रीजैन ने कहा -‘काव्य की शान को किसने माना नहीं, बेवजह का मैं गाती तराना नहीं’…। इस अवसर पर संजीव कश्यप, ललित गर्ग, मंजीत सिंह, विकास गुप्ता, बिट्टू चौहान, विमल शर्मा, कमल किशोर भट्ट, राकेश गुप्ता, महेंद्र पाल शर्मा, संजय राधू, प्रियांशु बंसल आदि मौजूद रहे।

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