हल्द्वानी। मानसून सीजन में गौला नदी में सिल्ट आने से हल्द्वानी की पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होगी। शीशमहल और शीतलाहाट फिल्टर प्लांट को पानी की आपूर्ति होती रहेगी। जलसंस्थान गौला बैराज के पास 10-10 एमएलडी के दो संपवेल बनाएगा। गौला नदी में सिल्ट आने पर इन्हीं संपवेल से फिल्टर प्लांट को पानी की सप्लाई होगी। गौला नदी से शीशमहल फिल्टर प्लांट को प्रतिदिन 34.5 एमएलडी पानी मिलता है। इसे फिल्टर कर जलसंस्थान पेयजल के लिए शहर में आपूर्ति करता है। कई बार पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने के कारण गौला नदी के पानी में सिल्ट आ जाती है। मानसून सीजन में यह दिक्कत अधिक होती है। इस कारण गौला बैराज से फिल्टर प्लांट को पानी नहीं मिल पाता है। पानी मिलने के बाद भी फिल्टर प्लांट सिल्ट के कारण पूरी क्षमता के साथ पानी फिल्टर नहीं कर पाता है। इस समस्या को देखते हुए बुधवार को डीएम के जनता दरबार में सिंचाई विभाग ने रामनगर की तर्ज पर संपवेल बनाने का प्रस्ताव रखा। डीएम धीराज गर्ब्याल ने जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव को रामनगर स्थित संपवेल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में 10-10 एमएलडी के दो संपवेल का प्रस्ताव बनाकर दें। इसके लिए बजट का इंतजाम जिला प्रशासन करेगा। कहा कि प्रस्ताव मिलने के छह महीने बाद इसे बनवा दिया जाएगा।
–इस तरह काम करता है संपवेल –
हल्द्वानी। संपवेल एक कुआं होता है। इसे नदी से 50 मीटर दूरी पर नदी तल से गहरा खोदा जाता है। नदी तल के नीचे जो पानी बहता है वह पत्थरों से रिसकर कुएं में भर जाता है। यहां से पंप के माध्यम से पानी को बाहर निकाला जाता है। इसका पानी साफ होता है साथ ही सिल्ट की मात्रा भी कम होती है। गौलाबैराज के पास बंद पड़ी पुरानी सिंचाई नहर के पास 10-10 एमएलडी के दो संपवेल खोदे जाएंगे। यहां पंपसेट लगाया जाएगा। सिल्ट आने पर पंपों के माध्यम से इस पानी को सिंचाई नहर में डाला जाएगा। 10 एमएलडी के एक संपवेल से पानी शीतलाहाट फिल्टर प्लांट भेजा जाएगा।
कोट-
जलसंस्थान को 10-10 एमएलडी के दो संपवेल की डीपीआर बनाकर देने के लिए कहा गया है। इसमें करीब दो से तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसकी व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा। – धीराज गर्ब्याल, डीएम नैनीताल।