अल्मोड़ा। नगर के सबसे व्यस्ततम बाजार माल रोड में नो पार्किंग जोन व सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहन लोगों के लिए परेशानी के साथ ही जाम का कारण बन रहे हैं। इन वाहनों के कारण नगर में आए दिन जाम लग रहा है, जिससे व्यापारियों के साथ ही आम लोग भी खासे परेशान हैं। जिले में वाहनों की संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है लेकिन यहां पर्याप्त पार्किंग का अभाव है। पार्किंग की व्यवस्था न होने से नगर समेत जिले के तमाम ग्रामीण कस्बों में यहां पहुंचे अधिकतर वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना चालकों की मजबूरी बन गया है, जो जाम का कारण बन रहे हैं। बेतरतीब खड़े वाहनों से आए दिन नगर में जाम की स्थिति पैदा हो रही है। बावजूद इसके इसे देखने वाला कोई नहीं है। हालात यह हैं कि राहगीरों को पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा एलआर साह रोड, जाखनदेवी रोड, धारानौला, करबला, लिंक रोड में भी यही स्थिति है, जिससे आम से लेकर खास लोग परेशान हैं।
नगर में है महज 380 वाहनों के लिए है पार्किंग
अल्मोड़ा। नगर में हर रोज वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। बावजूद इसके नई पार्किंगों का निर्माण नहीं हो रहा। जिले के विभिन्न हिस्सों से यहां हर रोज तीन हजार से अधिक वाहन पहुंचते हैं। लेकिन नगर में स्थित दो पार्किंग की क्षमता महज 380 वाहनों की है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए सड़कों के किनारे वाहनों को पार्क करना मजबूरी बन गया है। बावजूद इसके सांस्कृतिक नगरी के विकास के दावे हो रहे हैं।
क्या कहते हैं लोग
नगर की सडकों में वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। इससे पैदल आवाजाही करने वाले लोगों को दिक्कतें होती है। वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि पैदल चलने वाले लोगों को राहत मिल सके। – नरेंद्र अधिकारी, अल्मोड़ा
लोग नए वाहन तो खरीद रहे हैं। लेकिन उनके पास पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होती है। चौपहिया वाहनों को लोग कई बार सड़क किनारे पार्क कर देते हैं। माल रोड समेत अधिकतर सड़कों का यही हाल है, जिससे नगर में आए दिन लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। – रोहित, अल्मोड़ा
नगर में यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस विभिन्न स्थानों पर तैनात है। नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों का चालान किया जाता है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। सड़कों पर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। – विमल प्रसाद, सीओ, अल्मोड़ा।