पिथौरागढ़ जिले के थल-मुनस्यारी मार्ग पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हरकोट के पास एक टैक्सी अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत पांच लोग घायल हो गए। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह क्वीटी से मुनस्यारी जा रही टैक्सी संख्या यूके 05 टीए 5586 हरकोट के समीप अचानक अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के समय वाहन में चालक सहित छह लोग सवार थे। दुर्घटना में बला निवासी नेत्र सिंह राणा (70) पुत्र विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं हादसे में प्रताप सिंह राणा (50) पुत्र दलीप सिंह, हरीश सिंह (24) पुत्र हयात सिंह, ममता (20) पत्नी राजेंद्र सिंह, चालक चंचल सिंह कोरंगा (55) पुत्र कुंवर सिंह तथा जिमिया निवासी यमुना देवी (39) पत्नी हरीश सिंह घायल हो गए।
स्थानीय लोगों और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व राजस्व विभाग को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों को खाई से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
चिकित्सकों ने प्रताप सिंह, हरीश सिंह, ममता और चालक चंचल सिंह की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। तीन घायलों को 108 सेवा, बीआरओ और आईटीबीपी की एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि यमुना देवी का उपचार सीएचसी में जारी है।
एंबुलेंस की कमी से बढ़ी परेशानी
हादसे के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। मुनस्यारी क्षेत्र में आपातकालीन सेवा 108 की दो एंबुलेंस तैनात हैं, जिनमें एक सीएचसी मुनस्यारी और दूसरी मदकोट पीएचसी से संचालित होती है। बताया जा रहा है कि मदकोट की एंबुलेंस को आदि कैलाश यात्रा में लगाया गया था, जिसके चलते हादसे के समय क्षेत्र में पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकीं।
स्थिति यह रही कि एक गंभीर घायल को परिजनों को टैक्सी बुक कर जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मदकोट में एंबुलेंस उपलब्ध होती तो घायल और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
डेंजर जोन बना हादसों का कारण
थल-मुनस्यारी सड़क पर्यटन और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन और पर्यटक आवाजाही करते हैं, लेकिन कई स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां भी पैरापिट और क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते 10 वर्षों में इसी स्थान पर तीन सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें सात लोग घायल हुए थे। बावजूद इसके सुरक्षा इंतजामों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। लोगों का कहना है कि यदि यहां पैरापिट या क्रैश बैरियर लगाए गए होते तो वाहन खाई में गिरने से बच सकता था।
31 साल का अनुभवी चालक पहली बार हुआ हादसे का शिकार
हादसे में घायल चालक चंचल सिंह कोरंगा पिछले 31 वर्षों से थल-मुनस्यारी सड़क पर वाहन चला रहे हैं। क्षेत्र में उन्हें अनुभवी चालक के रूप में जाना जाता है। भारी बर्फबारी के दौरान भी लोग उनकी ड्राइविंग पर आंख बंद कर भरोसा करते हैं। स्थानीय लोग उन्हें बर्फबारी में वाहन संचालन का “मास्टर” मानते हैं।
चंचल सिंह गांव के प्रधान और बीडीसी सदस्य भी रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि तीन दशक लंबे करियर में यह पहला मौका है जब उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।