रुड़की/लक्सर। देहरादून से गाजियाबाद जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई नवविवाहिता का कई दिनों बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब गुमशुदगी के केस को अपहरण की धाराओं में तरमीम कर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस रेलवे ट्रैक के साथ-साथ हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी मनीष अग्रोही का विवाह करीब तीन माह पूर्व प्रज्ञा सिंह से हुआ था। दंपती केदारनाथ धाम दर्शन के लिए उत्तराखंड आए थे। दर्शन के बाद दोनों पांच मई की रात देहरादून से गाजियाबाद जाने के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए थे। मनीष ने पुलिस को बताया कि रात करीब 10:30 बजे दोनों ट्रेन में बैठे थे और हरिद्वार तक बातचीत करते रहे। इसके बाद उन्हें नींद आ गई।
रुड़की पहुंचने पर सीट से गायब मिली पत्नी
मनीष के अनुसार जब ट्रेन रुड़की पहुंची तो उनकी आंख खुली। उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी सीट पर मौजूद नहीं थी। पहले उन्होंने पूरे कोच में तलाश की लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचना दी। परिजन कानपुर से लक्सर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की।
इस बीच महिला की आखिरी मोबाइल लोकेशन बहादरपुर रेलवे बाईपास के पास मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिजन रेलवे स्टेशन पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की। लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि कैमरे बंद पड़े हैं। इससे नाराज परिजनों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
रेलवे स्टेशन पर नहीं मिले सीसीटीवी फुटेज
घटना के बाद जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने भी जांच शुरू की। जीआरपी के उपनिरीक्षक अतुल चौहान ने रेलवे मॉनिटरिंग सिस्टम की जांच कराई। जांच में सामने आया कि ट्रेन बहादरपुर बाईपास के पास रुकी ही नहीं थी। इसके बावजूद महिला की लोकेशन वहीं मिलने से मामला और उलझ गया है।
लक्सर कोतवाली पुलिस ने पहले महिला की गुमशुदगी दर्ज की थी। बाद में लगातार सुराग नहीं मिलने और परिस्थितियों को देखते हुए मामले को अपहरण की धाराओं में बदल दिया गया। बाजार चौकी प्रभारी विपिन कुमार की ओर से अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि महिला की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गई हैं। संभावित स्थानों पर लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
रेलवे ट्रैक से हाईवे तक चलाया गया सर्च ऑपरेशन
महिला की तलाश में पुलिस ने ऐथल से लेकर लक्सर बाईपास और डोसनी क्षेत्र तक रेलवे ट्रैक के किनारे सर्च अभियान चलाया। इसके अलावा लक्सर-रुड़की हाईवे पर भी जांच की जा रही है। वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन चौहान ने बताया कि रेलवे ट्रैक के साथ-साथ हाईवे और आसपास के इलाकों में भी सुराग तलाशे जा रहे हैं।
परिजन भी लगातार महिला की खोजबीन में जुटे हैं। शुक्रवार को परिजनों ने रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में महिला की तलाश की, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
लक्सर रेलवे स्टेशन के 40 से अधिक सीसीटीवी बंद
घटना के बाद लक्सर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और सर्कुलेटिंग एरिया में लगे 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। ऐसे में किसी भी आपराधिक घटना की जांच में पुलिस को मदद नहीं मिल पा रही है।
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद कैमरों का बंद होना रेलवे प्रशासन की लापरवाही माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है।
स्टेशन अधीक्षक केआर मीणा ने बताया कि स्टेशन पर नए कैमरे लगाए गए हैं और उपकरणों को दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया जा रहा है। डीवीआर रिकॉर्डिंग और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया लंबित होने के कारण सिस्टम पूरी तरह चालू नहीं हो सका है।
वहीं यात्रियों ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर हमेशा भारी भीड़ रहती है और कैमरे बंद होने से सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है। यात्रियों का कहना है कि यदि कैमरे चालू होते तो जांच में मदद मिल सकती थी और संदिग्धों की पहचान आसान होती।