रुद्रपुर। नवजात की मौत पर शनिवार को हंगामा हो गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मृत बच्ची को बरेली रेफर करने का आरोप लगाकर प्राइवेट अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है।आवास विकास निवासी शादाब हुसैन ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी ने डॉक्टर्स कॉलोनी के एक निजी अस्पताल में एक अगस्त को बच्ची को जन्म दिया था। शादाब के अनुसार बच्ची स्वस्थ पैदा हुई थी। चार अगस्त को उसे कृष्ण अस्पताल एवं क्रिटिकल केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। शादाब के अनुसार अस्पताल की लापरवाही के चलते बच्ची की मौत हो गई। अस्पताल वालों ने मृत बच्ची को बरेली के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पीड़ित पिता ने अस्पताल के संचालक चिकित्सक व उसके छोटे भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए अस्पताल को सील करने की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार के समर्थन में शुक्रवार की रात करीब एक बजे लोगों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन भी किया। कृष्ण अस्पताल के एमडी डॉ. गौरव अग्रवाल ने भी अभद्रता करने की तहरीर पुलिस को सौंपी है। कोतवाली पुलिस ने तहरीर लेकर बच्ची का पोस्टमार्टम कराया। कार्यवाहक सीओ सिटी आशीष भारद्वाज का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा।
जन्म के बाद बच्ची रोई नहीं थी, जिससे दिमाग में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। बच्ची चार तारीख की रात किसी अन्य अस्पताल से आई और पांच दिन तक मशीन पर रही। आठ को मशीन से हटाया, नौ व 10 को मां ने दूध भी पिलाया। बाद में फिर से दौरा आया तो समझाया कि फिर से मशीन पर लेने की जरूरत है। अन्य जगह रेफर करने का भी विकल्प दिया था। 11 की सुबह वेंटिलेटर पर लेना पड़ा, बच्ची के पिता ने परिवार से राय लेकर इस बारे में बताने की बात कही। पिता शादाब ने बच्ची को बचाने के लिए एक करोड़ की भी पेशकश की। बहुत समझाने के बाद वे बरेली ले जाने के लिए तैयार हुए थे। बच्ची की मौत के बाद परिजनों की ओर से फोन करके गालियां दी गई और देख लेने की धमकी दी गई। -डॉ. गौरव अग्रवाल, एमडी, कृष्ण हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर सेंटर, रुद्रपुर।