Saturday, October 24, 2026
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रुद्रपुर हादसा: ‘नो एंट्री’ के चलते रेलवे ट्रैक पार कर रहा मजदूर ट्रेन की चपेट में आया, मौत के बाद परिजनों का हंगामा

रुद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में कंपनी में कार्यरत एक मजदूर की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और सहकर्मियों ने पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा किया और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

मिली जानकारी के अनुसार, इंदिरा कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय सुरेश प्रसाद पुत्र बाजीलाल सिडकुल की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। सोमवार सुबह वह ड्यूटी के लिए निकले थे, लेकिन कंपनी गेट पर सुरक्षा गार्ड ने उन्हें ‘नो एंट्री’ बताते हुए अंदर जाने से रोक दिया और बाद में आने को कहा। इसके बाद जब सुरेश प्रसाद दोबारा घर से निकले, तो सिंह कॉलोनी के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय काठगोदाम से दिल्ली जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।

हादसा इतना भीषण था कि उनका सिर ट्रेन से टकरा गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक लगाकर रेलवे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी रुद्रपुर सिटी स्टेशन की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


कंपनी पर लापरवाही का आरोप

घटना के बाद मृतक के परिजन और सहकर्मी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। समाजसेवी सुशील गावा ने आरोप लगाया कि सुरेश प्रसाद पिछले 18 वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे, लेकिन हादसे के बाद भी कंपनी प्रबंधन ने संवेदनहीन रवैया अपनाया।

उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे और भाई भी उसी कंपनी में काम करते हैं। पुलिस द्वारा दोपहर में हादसे की सूचना दिए जाने के बावजूद कंपनी ने मृतक के बेटे से काम जारी रखा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


बीमार होने के बावजूद बुलाया गया काम पर

मृतक के बेटे इंद्रजीत ने बताया कि उनके पिता पिछले पांच दिनों से बीमार थे और घर पर आराम कर रहे थे। कंपनी प्रबंधन के कहने पर ही वह सोमवार सुबह काम पर निकले थे, लेकिन गेट पर तैनात गार्ड ने उन्हें वापस लौटा दिया। इसके बाद दोबारा जाते समय यह हादसा हो गया।


चंदा रसीद से हुई पहचान

परिजनों के मुताबिक, हादसे के बाद सुरेश प्रसाद की पहचान उनकी जेब से मिली बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के लिए दिए गए 200 रुपये के चंदे की रसीद से हुई। इसी आधार पर शव की शिनाख्त की गई।


सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मजदूर किन परिस्थितियों में ट्रेन की चपेट में आया।


एक महीने में तीसरी घटना

गौरतलब है कि रुद्रपुर में पिछले एक महीने में रेलवे ट्रैक पर यह तीसरी मौत है। इससे पहले 15 मार्च को एक युवक और हाल ही में एक महिला की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है।


मुआवजे और नौकरी की मांग

परिजनों और श्रमिकों ने मृतक के बेटे को स्थायी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कंपनी गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया जाएगा।


पुलिस का बयान

एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।

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