Sunday, April 5, 2026
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श्रीनगर: 19 साल की बेटी की चिता के लिए नहीं मिली सूखी लकड़ी, चार घंटे बाद डीजल और टायर जलाकर किया अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित अलकेश्वर घाट पर शनिवार को एक बेहद हृदयविदारक और शर्मनाक घटना सामने आई। यहां एक शोकाकुल परिवार को अपनी 19 वर्षीय बेटी का अंतिम संस्कार करने के लिए घंटों तक जूझना पड़ा। हालात इतने खराब थे कि अंततः परिजनों को चिता जलाने के लिए डीजल, टायर और ट्यूब का सहारा लेना पड़ा।

जानकारी के अनुसार श्रीनगर नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या-12 की रहने वाली 19 वर्षीय युवती का निधन हो गया था। बेटी की मौत से टूट चुके परिजन उसका अंतिम संस्कार करने के लिए अलकेश्वर घाट पहुंचे। लेकिन घाट पर सरकारी लकड़ी की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें मजबूरन एक निजी लकड़ी टाल से करीब तीन क्विंटल लकड़ी महंगे दामों पर खरीदनी पड़ी।

गीली लकड़ियों के कारण नहीं जली चिता

परिजनों ने जब नम आंखों के साथ बेटी की चिता को मुखाग्नि दी, तो लकड़ियां जलने के बजाय केवल सुलगती रहीं। आरोप है कि लकड़ी टाल संचालक ने पूरे पैसे लेने के बावजूद गीली और कच्ची लकड़ियां दे दी थीं।

चिता के पास अपनी बच्ची का शव इस तरह पड़ा देख परिवार का दर्द और बढ़ गया। घाट पर मौजूद लोगों की आंखें भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर भर आईं। परिजनों को मजबूरी में करीब चार घंटे तक चिता के पास इंतजार करना पड़ा, लेकिन लकड़ियां आग नहीं पकड़ सकीं।

डीजल, टायर और ट्यूब से जलानी पड़ी चिता

जब काफी प्रयासों के बाद भी लकड़ियां नहीं जलीं, तो परिजनों ने मजबूरी में बाजार से करीब 15 लीटर डीजल मंगवाया। इसके साथ ही चिता पर पुराने टायर, ट्यूब और कपड़े डालकर आग लगाई गई। इसके बाद ही किसी तरह युवती का अंतिम संस्कार पूरा हो सका।

घटना से लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। वार्ड संख्या-12 के पार्षद शुभम प्रभाकर ने नगर निगम को पत्र लिखकर इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट पर सूखी लकड़ियों की उचित व्यवस्था न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि अलकेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों की पर्याप्त और उचित व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।

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