Friday, October 9, 2026
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Homeउत्तराखण्डअल्मोड़ा की अनुपमा बनीं बैडमिंटन की राष्ट्रीय विजेता

अल्मोड़ा की अनुपमा बनीं बैडमिंटन की राष्ट्रीय विजेता

अल्मोड़ा। पुणे में 22 से 28 फरवरी तक हुई राष्ट्रीय सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में अल्मोड़ा की 18 वर्षीय खिलाड़ी अनुपमा उपाध्याय ने स्वर्ण पदक जीतकर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। अनुपमा कम उम्र में एकल खिताब जीतने वाली देश की दूसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव बीएस मनकोटी ने बताया कि फाइनल में अनुपमा ने छत्तीसगढ़ की आकर्षी कश्यप को 20-21, 21-17 व 24-22 से हराया। अल्मोड़ा की ही कनिका कनवाल ने रेलवे की ओर से खेलते हुए राष्ट्रीय मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में कनिका ने अपने जोड़ीदार टी. हेमंगेंद्र बाबू के साथ खेलते हुए सिद्धार्थ और खुशी गुप्ता की जोड़ी को सीधे सेटों में 21-17, 21-16 से हराकर खिताब जीता।
कनिका के पिता नंदन सिंह कनवाल दिल्ली में फुटबाल कोच है। कनिका के कोच गिरीश ने बताया कि रेलवे ने 24 साल बाद राष्ट्रीय सीनियर प्रतियोगिता में मिश्रित युगल का खिताब जीता है। इसी तरह अल्मोड़ा के आदित्य जोशी ने पेट्रोलियम की मिश्रित टीम से खेलते हुए टीम चैंपियनशिप जीती। स्वर्ण पदक विजेता पेट्रोलियम की टीम में आदित्य के अलावा एचएस प्रनोय, चिराग शेट्टी, मन्नू अत्री, सौरभ वर्मा, सिक्की रेड्डी, अशिविनी, अश्मिता चालिया, अपर्णा बालन और उत्तेजिता राव थे। आदित्य के पिता अतुल जोशी बैडमिंटन कोच हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धि पर उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ की अध्यक्ष डॉ. अलकनंदा अशोक, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, जिला बैडमिंटन संघ अल्मोड़ा के चेयरमैन और उत्तराखंड बैडमिंटन संघ के कोषाध्यक्ष राम अवतार, अध्यक्ष प्रशांत जोशी, उपाध्यक्ष प्रशासनिक गोकुल सिंह मेहता, उपाध्यक्ष राकेश जायसवाल, सचिव डॉ. संतोष बिष्ट, सह सचिव संजय नज्जौन आदि ने खुशी जताई है।
उभरती शटलर अनुपमा से हैं भविष्य में पदकों की उम्मीद
अल्मोड़ा। नगर की बेटी अनुपमा उभरती हुई युवा शटलर हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा स्पोर्ट्स स्टेडियम के बैडमिंटन हाॅल से खेल कॅरिअर शुरू करने वाली अनुपमा से भविष्य में कई पदकों की उम्मीद है। कोच डीके सेन के निर्देशन में उन्होंने विभिन्न वर्गों में कई राष्ट्रीय खिताब जीते। वर्तमान में अनुपमा हरियाणा से खेलते हुए प्रकाश पादुकोण एकेडमी बेंगलुरु में कोच विमल और डीके सेन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। अनुपमा ने कई अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम किए हैं। अनुपमा के पिता नवीन उपाध्याय ने बेटी के खेल को निखारने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। वह बेटी के साथ बेंगलुरु में ही रह रहे हैं।

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