काशीपुर। मुरादाबाद रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में नौ जून को दिनदहाड़े पंजाब के तीन बदमाशों ने लूट की थी। पुलिस ने काशीपुर के टांडा चौकी क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद तीनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से बैंक से लूटी गई 14. 10 लाख रुपये की नकदी और वारदात में प्रयुक्त तमंचे और पिस्टल भी बरामद की गई है।
नौ जून की दोपहर 3 बजकर 57 मिनट पर असलहे से लैस तीन बदमाश बैंक में घुस गए थे। उन्होंने कैश काउंटर पर रखी करीब 15 लाख रुपये की नकदी लूट ली थी। वारदात के बाद आरोपी बाइक पर बैठकर फरार हो गए। शाखा प्रबंधक प्रतिभा यादव ने सात से दस लाख रुपये लूटे जाने की आशंका जताते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने खुलासे के लिए पुलिस, एसओजी और एसटीएफ की आठ टीमें लगाईं थीं। जांच में 100 से अधिक सीसीटीवी खंगाले गए। फुटेज में बाइक पर जाते दिखे तीन में से दो बदमाशों ने पगड़ी पहनी थी। बैंक कर्मियों ने संदिग्धों की पहचान लुटेरों के रूप में की। नंबर ट्रेस करने पर बाइक अजीतपुर निवासी एक व्यक्ति की पाई गई। बदमाश उसके घर मेहमानदारी करने के लिए आए थे। वारदात के बाद वह बाइक खड़ी कर चले गए। पुलिस का दावा है कि टांडा उज्जैन से ढकिया गुलाबो जाने वाली रोड पर मुठभेड़ के बाद तीनों बदमाश को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए बदमाश, पट्टी तरनतारन (पंजाब) निवासी जुगराज सिंह, अर्शदीप सिंह और जगजीत सिंह हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर लूटी गई रकम के 14 लाख 10 हजार 500 रुपये बरामद कर लिए हैं। उनके कब्जे से 315 बोर के दो और 32 बोर से सेमी आटोमैटिक पिस्टल बरामद किए गए हैं।
पीएनबी ने 51 हजार, एसएसपी ने दिया 10 हजार का इनाम
काशीपुर। वारदात का खुलासा करने वाली टीम को पीएनबी के मंडलीय उपप्रमुख लक्ष्मण सिंह टोलिया ने 51 हजार रुपये और एसएसपी ने 10 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों अश्वनी छावड़ा, प्रभात साहनी, आकाश गर्ग, रोहित व अमन बाली ने टीम को 5100 रुपये और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने के लिए अपने विधायक पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा की निधि से पांच लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। टीम में कोतवाल मनोज रतूड़ी, एसओजी प्रभारी रुद्रपुर कमलेश भट्ट, एसओजी प्रभारी काशीपुर रविंद्र बिष्ट, एसएसआई प्रदीप मिश्रा, एसआई गणेश चंद्र, नवीन बुधानी, कपिल कांबोज, धीरेंद्र परिहार आदि थे।
पाकिस्तान की सीमा में घुसने का था इरादा
काशीपुर। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस तत्परता नहीं दिखाती तो वे तरनतारन से होते हुए पाकिस्तान की सीमा में घुस सकते थे। पूछताछ में आरोपियों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि पुलिस के डर से वह पाकिस्तान की सीमा में भी घुस सकते थे। आरोपियों का मूल गांव कुहाड़का जिला तरनतारन के पट्टी इलाके में पड़ता है। पट्टी पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ गांव है। आरोपी नशे के आदि बताए गए हैं। पुलिस इस बात की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि कहीं ये बदमाश तराई में ड्रग्स पैडलर का काम तो नहीं कर रहे थे।
धरपकड़ में अहम रही दिल्ली क्राइम ब्रांच की भूूमिका
काशीपुर। पुलिस भले ही आरोपियों को मुठभेड़ में काशीपुर से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है लेकिन अगर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की मदद नहीं मिलती तो बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाते। वारदात के बाद ट्रेन से दिल्ली पहुंचे बदमाश वहां एक होटल के कमरा नंबर 201 और 202 में रुके थे। सर्विलांस से पुलिस को उनकी लोकेशन मिल गई। दो आरोपियों की लोकेशन एक जगह और तीसरे आरोपी की लोकेशन दूसरी जगह थी। बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस और एसओजी की दो टीमें दिल्ली भेजी गईं थीं। एक टीम के वर्दी में होने के कारण बदमाशों की घेराबंदी में दिक्कत आ रही थी। इस पर दिल्ली क्राइम ब्रांच की मदद ली गई। दिल्ली पुलिस की मदद से एसओजी टीम उस होटल तक पहुंच गई जहां बदमाश ठहरे हुए थे। पुलिस ने वहां से एक बदमाश को पकड़ा और उसके कब्जे से लूटी गई रकम बरामद कर ली।
स्कार्पियो का हो गया था पांच लाख सौदा
काशीपुर। होटल में ठहरे बदमाश ने पूछताछ में बताया कि उसके साथी एक मोटर एजेंसी पर स्कार्पियो गाड़ी का सौदा करने गए हैं। पुलिस ने वहां दबिश देकर दोनों बदमाशों को धर दबोचा। बदमाशों ने वहां हरियाणा नंबर की एक स्कार्पियो का पांच लाख रुपये में सौदा किया था।
तो क्या खिलौने से लूट लिया बैंक
काशीपुर। बैंक लूट में लाइटरयुक्त खिलौने का प्रयोग होने का मामला भी चर्चा में है। चर्चा है कि बैंक में घुसे एक बदमाश के हाथ में लाइटर वाला पिस्टल था जो उन्होंने वारदात से पहले एक दुकान से खरीदा था। इसी पिस्टल को लेकर वह कैशियर के पास तक पहुंचा और सारा कैश समेट लिया। उसके दोनों साथियों के हाथों में देसी तमंचे थे। हालांकि किसी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर बैंकों को भेजेंगे नोटिस
काशीपुर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले बैंकों को नोटिस भेजा जाएगा। बैंकों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। एसएसपी ने लोगों से अपने घरों के बाहर दो सीसीटीवी कैमरे लगाने का अनुरोध भी किया।
कमलेश दूसरी बार बने मैन ऑफ द मंथ
काशीपुर। एसओजी प्रभारी रुद्रपुर कमलेश भट्ट को लगातार दूसरी बार मैन ऑफ द मंथ चुना गया है। एसएसपी ने कमलेश की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इस संबंध में घोषणा की। जिले में कई बड़ी आपराधिक वारदातों के खुलासे में कमलेश की अहम भूमिका रही है।
तराई-भावर रही है बाहरी बदमाशों की महफूज शरण स्थली
काशीपुर। तराई-भावर क्षेत्र बाहरी राज्यों में आपराधिक वारदातें कर यहां छिपने वाले बदमाशों की शरणस्थली बनता जा रहा है। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व बिहार जैसे राज्यों के अपराधी यहां पनाह ले रहे हैं। सत्यापन और बीट पुलिसिंग कमजोर होने से उत्तराखंड के तराई और भावर क्षेत्र में बाहरी राज्यों के कई शातिर अपराधी दबोचे जा चुके हैं।
-19 जुलाई 2021 : पंजाब से भागकर यहां गुलजारपुर में छुपे तीन गैंगस्टरों को एसटीएफ और पंजाब की क्राइम पेट्रोल यूनिट ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर मुठभेड़ के बाद धर दबोचा था। गैंगस्टर यहां एक सप्ताह से छुपे थे। इनके पास से मैग्नम पिस्टल और असलहा बरामद हुए थे। पकड़े गए गैंगस्टर बठिंडा (पंजाब) निवासी संदीप उर्फ भल्ला, संगरूर (पंजाब) निवासी फतेह सिंह उर्फ युवराज और अमनदीप हैं। एक रिश्तेदार के कहने पर गुलजारपुर के जगवंत ने इन्हें शरण दी थी। उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
11 मई 2019 : बिहार एसटीएफ ने सिवान के चर्चित ठेकेदार की हत्या करने के आरोपी रोहित सिंह को काशीपुर के मानपुर रोड स्थित एक मकान से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा था। पकड़ा गया रोहित कुख्यात चंदन गिरोह का सदस्य था। उसके खिलाफ बिहार की एक अदालत से गिरफ्तारी वारंट चल रहा था।
2018 : किच्छा में प्रॉपर्टी डीलर समीर की हत्या हुई थी। इसमें अंग्रेज सिंह, सुखदेव, जसविंदर, प्रसन्नजीत सिंह, गुरुचरण और रंदीप सिंह उर्फ राजा के नाम शामिल थे। इस हत्याकांड के सिलसिले में जेल में बंद आरोपियों को छुड़ाने के लिए पंजाब के बदमाश यहां डेरा डाले हुए थे जो पुलिस के हत्थे चढ़ गए।