एलपीजी गैस की आपूर्ति पर सदन में हंगामा, 45 मिनट तक स्थगित रही कार्यवाही
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन एलपीजी गैस की आपूर्ति, कालाबाजारी और जमाखोरी के मुद्दे पर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने इस मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार विरोध जताया, जबकि सरकार ने इसे केंद्र सरकार से जुड़ा विषय बताते हुए चर्चा से इनकार कर दिया। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही करीब 45 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 के तहत प्रदेश में एलपीजी गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा सदन में उठाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने मामले को नियम 58 के तहत भोजनावकाश के बाद सुनने का निर्णय दिया।
सरकार ने कहा—केंद्र सरकार का विषय
भोजनावकाश के बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एलपीजी गैस की आपूर्ति केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसलिए इस विषय पर सदन में चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते केंद्र सरकार ने फिलहाल व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है।
विपक्ष ने जताई नाराजगी
सरकार के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में जोरदार विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का कहना था कि जब पीठ से नियम 310 के तहत चर्चा का निर्णय दिया गया था तो सरकार इस विषय पर चर्चा से क्यों बच रही है। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में गैस सिलिंडर के लिए लोगों को लंबी-लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विपक्ष ने यह भी कहा कि होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के चलते सदन में हंगामा बढ़ गया और विधानसभा की कार्यवाही 45 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले में इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि एलपीजी गैस एक आवश्यक वस्तु है, इसलिए सरकार और प्रशासन को इसकी जमाखोरी, डायवर्जन और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा—स्थिति नियंत्रण में
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस विषय पर समीक्षा बैठक भी की जा चुकी है और राज्य में स्थिति नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनौती केवल किसी एक राज्य या देश की नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से भी जुड़ी हुई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।