Saturday, October 24, 2026
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Uttarakhand: देहरादून के विकास कार्यों की समीक्षा में सीएम धामी सख्त, दस्तावेज सत्यापन और अतिक्रमण पर कार्रवाई के निर्देश

देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को वन मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दस्तावेज सत्यापन अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में जनता की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति योजनाओं के लिए पात्र है, उसे समयबद्ध तरीके से लाभ मिलना चाहिए। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग इसी भावना के साथ कार्य करें।

अतिक्रमण हटाने और विकास को गति देने के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए और नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों और कॉरिडोर के विस्तार से देहरादून की कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, जिससे पर्यटन और आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विकास योजनाओं को और तेज करने की जरूरत है।

महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष संवेदनशीलता

शीतकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम को रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस विभाग को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने और नशा मुक्ति अभियान के तहत नियमित जागरूकता कार्यक्रम एवं औचक चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

साइबर अपराध और विभागीय समन्वय पर जोर

बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी सुबोध उनियाल ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए और अधिक ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने दी प्रगति की जानकारी

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के तहत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले के 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन किया गया है, जिसमें 5,590 अपात्र कार्ड निरस्त किए गए। इसी तरह 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड रद्द किए गए हैं। अतिक्रमण के मामले में जिले की कुल 57 हेक्टेयर भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।

प्रमुख परियोजनाएं और योजनाएं

जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर सहित चार प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। पांवटा साहिब–बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है।
जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा और 12 बेड के एसएनसीयू की स्थापना की गई है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण अभियान में 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा–सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

संडे मार्केट और रोड कटिंग पर गरमाई बैठक

समीक्षा बैठक के दौरान विधायक विनोद चमोली ने संडे मार्केट और रोड कटिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई फैसले जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना किए जा रहे हैं, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है। संडे मार्केट को ऐसी जगह शिफ्ट किया गया है, जहां पहले से ही भारी भीड़ रहती है और हर सप्ताह जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।

रोड कटिंग को लेकर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बिना समुचित समन्वय के सड़कें खोदी जा रही हैं, जिससे जनता को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने इस पर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े सभी कार्य—बिजली, पानी, गैस और अन्य भूमिगत लाइनें—संबंधित विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित समय सीमा में पूरे करें। साथ ही आंतरिक सड़कों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

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