Wednesday, April 29, 2026
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उत्तराखंड: स्पीड के दावे में फेल डिफेंडर कार, उपभोक्ता आयोग ने लैंड रोवर को 1.65 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश

देहरादून। भ्रामक विज्ञापन और उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर एक अहम फैसले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने Jaguar Land Rover को बड़ा झटका दिया है। आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह अपनी लग्जरी एसयूवी Land Rover Defender की पूरी कीमत 1.65 करोड़ रुपये ग्राहक को ब्याज सहित वापस करे।

मामला कार की रफ्तार से जुड़े दावे का है। कंपनी ने विज्ञापन में दावा किया था कि यह कार 6.1 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। लेकिन वास्तविक उपयोग में कार इस मानक को पूरा नहीं कर पाई और इसे 100 किमी/घंटा की गति तक पहुंचने में 7.1 सेकेंड से अधिक समय लगा।

आयोग ने इसे उपभोक्ता को दी गई भ्रामक जानकारी माना और कहा कि ऐसी शर्तें यदि परीक्षण परिस्थितियों पर आधारित हैं तो उन्हें खरीद के समय स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए था।

तकनीकी खामियों ने भी बढ़ाई परेशानी
शिकायतकर्ता मैसर्स इप्रो ग्लोबल लिमिटेड ने 27 मार्च 2024 को यह कार खरीदी थी। रफ्तार के अलावा वाहन में अन्य खामियां भी सामने आईं।

कार का फ्यूल टैंक कैप सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम से जुड़ा नहीं था, जिसे आयोग ने मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट माना। इसके अलावा वाहन के निचले हिस्से से असामान्य आवाजें आने पर ग्राहक इसे डीलर के पास लेकर गया, जहां बिना अनुमति चेसिस में कटिंग और वेल्डिंग कर दी गई।

चेसिस से छेड़छाड़ को बताया गंभीर लापरवाही
आयोग ने कहा कि चेसिस वाहन की मूल संरचना होती है और इसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ वाहन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। इस आधार पर आयोग ने डीलर और कंपनी दोनों की जिम्मेदारी तय की।

हालांकि कंपनी ने दलील दी कि चेसिस से जुड़ा कार्य डीलर स्तर पर किया गया, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया और जिम्मेदारी Jaguar Land Rover India Limited पर ही तय की।

ब्याज और खर्च सहित रकम लौटाने के निर्देश
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि कंपनी ग्राहक को 1.65 करोड़ रुपये की राशि 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाए। साथ ही, 50 हजार रुपये मुकदमे का खर्च भी अदा करे।

उपभोक्ता अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण फैसला
यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि कंपनियों को अपने उत्पादों के विज्ञापन में सटीक और पारदर्शी जानकारी देनी होगी, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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