उत्तरकाशी में शुक्रवार को खराब मौसम के चलते एक हेलिकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। तेज आंधी-तूफान और अचानक बदले मौसम के बीच पायलट की सूझबूझ और तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सहस्त्रधारा हेलीपैड से जोशियाड़ा के लिए संचालित हेलिकॉप्टर सेवा उड़ान पर थी। इसी दौरान रास्ते में मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाएं, आंधी और खराब दृश्यता के कारण उड़ान संचालन में दिक्कतें आने लगीं। हालात को देखते हुए पायलट ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हेलिकॉप्टर की एहतियातन आपात लैंडिंग चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर कराई।
बताया जा रहा है कि हेलिकॉप्टर में उस समय कुल पांच यात्री सवार थे। मौसम खराब होने के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई थी, जिससे आगे उड़ान भरना जोखिम भरा हो सकता था। ऐसे में पायलट ने तत्काल निर्णय लेते हुए सुरक्षित लैंडिंग की और संभावित खतरे को टाल दिया।
हेलिकॉप्टर के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को कुछ समय तक एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षित स्थान पर रखा गया। इस दौरान हवाई अड्डा प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। मौसम सामान्य होने और आसमान साफ होने के बाद हेलिकॉप्टर ने दोबारा सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी।
इसके बाद सभी यात्रियों को सड़क मार्ग से उत्तरकाशी के लिए रवाना किया गया। राहत की बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम में किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी सुरक्षित रहे।
सूत्रों के मुताबिक, इस हेलिकॉप्टर में एडीजी अमित सिन्हा भी सवार थे। वे शनिवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) में आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए उत्तरकाशी पहुंचे हैं।
उप जिलाधिकारी डुंडा देवआनंद शर्मा ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है और ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने पायलट के त्वरित और समझदारी भरे फैसले की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते लिया गया निर्णय एक संभावित बड़े जोखिम को टालने में सफल रहा।