Friday, January 23, 2026
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उत्तराखंड की रजत जयंती पर पीएम मोदी के देहरादून दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में, FRI में रहेगा हाई सिक्योरिटी जोन

देहरादून।

उत्तराखंड के गठन की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) पर 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क मोड पर हैं। मुख्य समारोह का आयोजन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) परिसर में किया जा रहा है, जिसके लिए पुलिस और प्रशासन ने हाई सिक्योरिटी प्लान तैयार कर लिया है।

कार्यक्रम स्थल में बिना जांच किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, ड्रोन कैमरों के उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक की संभावना न रहे।


एडीजी इंटेलिजेंस ने दिए सख्त निर्देश

रेसकोर्स पुलिस लाइन में आयोजित सुरक्षा ब्रीफिंग के दौरान एडीजी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने कार्यक्रम की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केवल अधिकृत व्यक्तियों और उनके वाहनों को ही जांच के बाद FRI परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।


ड्रोन उड़ाने पर सख्त पाबंदी, हाई अलर्ट पर निगरानी दल

एडीजी ने बताया कि 9 नवंबर को FRI और उसके आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार की अनधिकृत उड़ान को सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आसपास के ऊंचे भवनों, पानी की टंकियों और संवेदनशील स्थानों की जांच बीडीएस (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड टीमों से कराई जाए, ताकि हर संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके।


वीवीआईपी सुरक्षा में शून्य लापरवाही का निर्देश

एडीजी अभिनव कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री से मिलने वाले व्यक्तियों पर भी हर स्तर पर सुरक्षा निगरानी रखी जाए।
कार्यक्रम स्थल पर आम जनता के प्रवेश और निकास के लिए निर्धारित गेटों पर सघन जांच की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को सामान लेकर अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।


भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण की खास व्यवस्था

सुरक्षा बलों को निर्देशित किया गया है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निकलने वाली भीड़ के प्रबंधन के लिए भी पहले से तैयारी की जाए।
सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर निर्धारित समय से कम से कम तीन घंटे पहले पहुंचेंगे।
इसके साथ ही, वीवीआईपी मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रूट पर कोई निर्माण सामग्री, अवरोधक या बाधा न हो।


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