उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है। इस मौके पर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने यूसीसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूसीसी सनातन धर्म के खिलाफ उठाया गया कदम है और भाजपा इसे अपनी उपलब्धि बताकर असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा के पास जनता से बात करने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है। यही कारण है कि पार्टी बार-बार यूसीसी को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे यूसीसी को लेकर कितनी भी तारीफ कर ले, इससे सच्चाई नहीं बदलती। यह कानून सनातन परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं पर सीधा प्रहार है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड आज गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन भाजपा इन पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ता पलायन, युवाओं में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के बढ़ते मामले और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
हरीश रावत ने यह भी कहा कि यूसीसी लागू होने के एक वर्ष पूरे होने पर सरकार जश्न मना रही है, जबकि आम जनता की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करते हुए रोजगार, विकास और सुशासन जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे।
कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद प्रदेश में यूसीसी को लेकर सियासी बहस और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में और अधिक गरमाने वाला है।