देहरादून में शिया समुदाय ने जताया शोक, तीन दिन की मजलिस आयोजित करने का निर्णय
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर देहरादून में शिया समुदाय के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया। राजधानी में समुदाय की ओर से तीन दिन का शोक घोषित किया गया है। रविवार को ईसी रोड स्थित मस्जिद में विशेष शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
नमाज के बाद आयोजित हुई मजलिस
दोपहर की नमाज के बाद मस्जिद परिसर में शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए और मजलिस के माध्यम से दिवंगत नेता को याद किया। इस दौरान उनके जीवन, विचारधारा और संघर्षों पर प्रकाश डाला गया तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए सामूहिक दुआ की गई।
रात की नमाज के बाद भी विशेष मजलिस आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई ने इमाम हुसैन (अ) की परंपरा का अनुसरण करते हुए अन्याय के सामने कभी समझौता नहीं किया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे।
कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि
शोक सभा के दौरान समुदाय के लोगों ने कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और शांतिपूर्वक अपने भाव प्रकट किए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन्हें साहस, त्याग और नेतृत्व का प्रतीक बताया।
तीन दिन तक जारी रहेंगी शोक सभाएं
अंजुमन मुइनुल मोमीनीन के अध्यक्ष कल्बे हैदर जैदी ने बताया कि शहर की विभिन्न मस्जिदों में लगातार तीन दिनों तक मजलिस यानी शोक सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में समुदाय के लोग शामिल होकर श्रद्धांजलि देंगे।
इस मौके पर महासचिव सिकंदर नकवी, सैय्यद अली, जिल्ले हसनैन और अफजल मेहंदी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शिया समुदाय के सदस्यों ने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई का जीवन संघर्ष, सिद्धांत और समर्पण का प्रतीक था, जिसकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को मिलती रहेगी।