Thursday, March 19, 2026
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चैत्र नवरात्रि का आगाज: माता मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा

देहरादून/श्रीनगर। चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व गुरुवार से पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया। नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े नजर आए और जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। पहले दिन देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। इसी शुभ तिथि से नौ दिनों तक चलने वाले चैत्र नवरात्रि पर्व का आरंभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है, जो खुशहाली, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।

इस वर्ष मां दुर्गा के आगमन का वाहन पालकी माना जा रहा है। इसे धार्मिक दृष्टि से शुभ संकेत माना जाता है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और विभिन्न स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान व पूजा-पाठ का आयोजन किया जा रहा है।

धारी देवी मंदिर में सुबह से लगी भक्तों की कतार

श्रीनगर स्थित अलकनंदा नदी के तट पर बसे प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर में भी नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यह मंदिर उत्तराखंड की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि मां धारी देवी को प्रदेश के चारधाम की रक्षक देवी के रूप में पूजा जाता है।

नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। भक्त मां के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और चारधाम यात्रा की सफलता की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों में भी उमड़ा जनसैलाब

हरिद्वार स्थित मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों में भी नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते रहे और पूजा-अर्चना कर मनोकामनाएं मांगीं।

ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। कलश स्थापना के लिए 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक का समय शुभ माना गया है।

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा से भक्तों को शक्ति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है। इसी आस्था के साथ नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में श्रद्धालु व्रत रखकर माता के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं।

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