लालकुआं। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के टांडा रेंज स्थित शाह पठानी इलाके का है, जहां जंगली हाथी के हमले में दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, देर रात एक जंगली हाथी ने दो व्यक्तियों पर हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक की पहचान 75 वर्षीय बांधो प्रजापति, निवासी झारखंड के रूप में हुई है, जो क्षेत्र में खेतों की चौकीदारी का कार्य करता था। वहीं दूसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर था और उसकी शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल पर प्रभागीय वन अधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित सैनी, उप प्रभागीय वन अधिकारी शशि देव, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा और वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम मौजूद रहे।
प्रभागीय वन अधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल से सटे इलाकों में अकेले न जाएं और सावधानी बरतें।
उल्लेखनीय है कि लालकुआं और आसपास के क्षेत्रों में हाल के समय में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में शोक की लहर है और उन्होंने उचित मुआवजे की मांग की है।