कुमाऊं क्षेत्र में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मंगलवार को बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरी ओर तराई और मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का दौर और तेज होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम करवट ले सकता है। वहीं मैदानों में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में गर्म हवाओं और तेज धूप से लोगों की परेशानियां बढ़ने की आशंका है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग ने इस संबंध में विशेष एडवाइजरी जारी की है। मौसम विज्ञानी डॉ. अजीत कुमार नैन ने बताया कि मंगलवार को उच्च हिमालयी क्षेत्रों से सटी पहाड़ियों में हल्की बर्फबारी होने के आसार हैं। इसके अलावा आसपास के निचले पर्वतीय इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम में यह बदलाव खासतौर पर ऊंचाई वाले इलाकों में देखने को मिलेगा।
तराई में नहीं मिलेगी राहत, 39 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार तराई और मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आगामी 19 और 20 मई को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। विशेषज्ञों ने दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
अगले दो दिनों का संभावित तापमान
- मंगलवार: अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम तापमान 26°C रहने का अनुमान।
- बुधवार: अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम तापमान 25°C रहने की संभावना।
सोमवार को 37 डिग्री पहुंचा तापमान
पिछले कई दिनों से रुद्रपुर समेत आसपास के तराई क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। सोमवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के बाद आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव जरूर देखने को मिलेगा, लेकिन मैदानी इलाकों में फिलहाल राहत के संकेत नहीं हैं। ऐसे में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।