Tuesday, October 6, 2026
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विजिलेंस ढांचे में होगा पुनर्गठन, कैबिनेट ने नए पद सृजित करने और नियमों में संशोधन को दी मंजूरी

देहरादून। उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) के ढांचे में व्यापक बदलाव को मंजूरी देते हुए विभिन्न पदों के पुनर्गठन का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चंपावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, विजिलेंस अधिष्ठान में कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुल 11 पद समाप्त किए जाएंगे। इनमें नागरिक पुलिस के आठ कांस्टेबल, एक डाक रनर कांस्टेबल और दो चालक कांस्टेबल के पद शामिल हैं।

इसके साथ ही विभाग में उच्च श्रेणी के पदों को बढ़ावा देने के लिए नए पदों के सृजन और कुछ संवर्गों में पद वृद्धि को मंजूरी दी गई है। हेड कांस्टेबल नागरिक पुलिस के पांच पदों में वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) नागरिक पुलिस के तीन, हेड कांस्टेबल डाक रनर का एक, हेड कांस्टेबल चालक का एक तथा एएसआई चालक का एक नया पद सृजित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पुनर्गठन से विजिलेंस अधिष्ठान की कार्यक्षमता और निगरानी व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के अनुरूप एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया है। इसके तहत विशेष परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट को राज्य सरकार को 14 दिन पूर्व सूचना देने के बाद किसी मामले के लिए अन्य व्यक्ति को सहायक लोक अभियोजक नियुक्त करने का अधिकार मिलेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य आवश्यकतानुसार अभियोजन कार्य में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना और न्यायिक प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना है।

मंत्रिमंडल ने विजिलेंस से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है। यह संशोधन भारतीय न्याय संहिता, 2023 के लागू होने के बाद बदले हुए कानूनी प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। इसके तहत पुराने आईपीसी और सीआरपीसी आधारित प्रावधानों को नई न्यायिक व्यवस्था के अनुसार अद्यतन किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इन बदलावों से विजिलेंस अधिष्ठान की संरचना आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनेगी और नई आपराधिक न्याय प्रणाली के साथ बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा। इससे जांच, अभियोजन और प्रशासनिक कार्यों में अधिक दक्षता आने की उम्मीद है।

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