विश्व बैंक वित्त पोषित मेहूंवाला पेयजल क्लस्टर योजना के तय समय के एक साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई। अब योजना की डेडलाइन नवंबर 2022 तय गई है, लेकिन जिस हिसाब से कार्य चल रहा, उससे लगता नहीं कि नवंबर तक कार्य पूरा हो पाएगा। अभी न तो लाइन बिछाने का काम पूरा हुआ और न ही ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल का।
पेयजल निगम का दावा है कि नवंबर तक हर हाल में योजना को धरातल पर उतार लिया जाएगा। मेहूंवाला क्लस्टर योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी। करीब डेढ़ लाख लोगों के लिए शुरू की गई योजना के तहत क्षेत्र में 20 ट्यूबवेल लगने हैं। इनमें से 19 ट्यूबवेल लगाए जा चुके, जबकि एक ट्यूबवेल का निर्माण जमीन के कारण अटका है। योजना के तहत 329 किमी की पेयजल लाइन बिछाई जानी है। अभी तक 75 फीसदी ही लाइन बिछाई गई है। मेन लाइन संग अभी तक ट्यूबवेलों से मेन लाइनों को जोड़ने वाली किसी भी लाइन का काम भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। छह ओवरहेड टैंक योजना के तहत बनने हैं, लेकिन अभी तक किसी भी ओवरहेड का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसके बाद लोगों के घरों में मीटर भी लगाए जाने है और कनेक्शन जोड़ जाने हैं। अब बारिश का महीना शुरू होने वाला है। ऐसे में तय समय में योजना पूरी हो पाएगी, पर संशय बना हुआ है। हालांकि, पेयजल निगम का दावा है कि तय समय में पेयजल योजना को धरातल पर उतार दिया जाएगा। उधर, निगम के महाप्रबंधक सीताराम ने बताया कि योजना को दिसंबर 2021 में धरातल पर उतारना था, पर कोरोना से काम प्रभावित हुआ। अब डेड लाइन को नवंबर 2022 तक बढ़ाया गया। अधिकतर काम पूरा हो चुका है। जो काम बचा है, उसे भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय पर कार्य पूरा जाएगा।