Sunday, November 8, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeउत्तराखण्डपालिका के सीमा विस्तार का ग्रामीणों ने किया विरोध

पालिका के सीमा विस्तार का ग्रामीणों ने किया विरोध

अल्मोड़ा। नगर पालिका सीमा विस्तार कर 25 गांवों को पालिका में शामिल करने जा रही है। मामले में प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। पालिका क्षेत्र में शामिल होने वाले संभावित गांवों के लोगों ने पालिका सीमा विस्तार में गांवों को शामिल करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सीमा विस्तार का विरोध किया है।
नगर पालिका खत्याड़ी, सरसों, बख, माल, बलढौटी, चितई पंत, पपरसली समेत 25 गांवों को सीमा विस्तार के बाद पालिका क्षेत्र में शामिल करेगी। पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने वाले संभावित ग्राम पंचायतों के लोगों में इस बात का भय है कि पालिका क्षेत्र में शामिल होने पर उनके अधिकार प्रभावित होंगे। लोगों का कहना है कि पालिका क्षेत्र में शामिल होने पर उन्हें हाउस टैक्स, सीवर टैक्स समेत विभिन्न प्रकार के टैक्स चुकाने पड़ेंगे। गांवों में अधिकांश लोग मध्यम वर्गीय रहते हैं। कई लोगों के पास स्थायी रोजगार भी नहीं है। मेहनत मजदूरी कर वह अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। गांवों में बंदरों, सुअरों का आतंक इतना ज्यादा है कि अब खेती से भी साल भर खाने को नहीं हो रहा है। कोरोनाकाल में कई लोगों का रोजगार चला गया है। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। अब यदि गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल किया जाता है तो ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों को पालिका क्षेत्र में किसी भी स्थिति में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
ग्राम सभा खत्याड़ी में 80 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं। अधिकांश लोगों के पास पुराने पटाल वाले मकान है। लोग मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। पालिका क्षेत्र में शामिल होने पर उन्हें हाउस टैक्स, सीवर टैक्स आदि चुकाना पड़ेगा। जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। लोगों के अधिकार भी प्रभावित होंगे। खत्याड़ी को किसी भी कीमत में पालिका में शामिल नहीं होने देंगे।
हरीश कनवाल, खत्याड़ी के पूर्व प्रधान
खत्याड़ी के पालिका में शामिल होने पर लोगों के जल, जंगल, जमीन के अधिकार प्रभावित होंगे। वन पंचायतों को अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। अधिकाश लोग कृषि, पशुपालन कर आजीविका चलाते हैं लेकिन पालिका में शामिल होने पर उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों को टैक्स चुकाने पड़ेंगे, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। हम सीमा विस्तार का विरोध करते हैं।
आनंद कनवाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख हवालवाग
नगर पालिका अल्मोड़ा नगर में ही लोगों को पूरी सुविधाएं नहीं दे पा रही है और अब सीमा विस्तार के नाम पर ग्राम पंचायतों में रहने वाले लोगों को परेशान किया जा जाएगा। अधिकांश लोगों के पास स्थायी रोजगार नहीं है। कृषि आदि काम कर किसी तरह आजीविका चलाते हैं। पालिका क्षेत्र में शामिल होने पर ग्रामीण टैक्स कहां से भरेंगे। सीमा विस्तार का ग्रामीण विरोध करेंगे। -जसवंत सिंह बिष्ट, प्रधान फलसीमा

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments