उत्तराखंड में चंपावत के स्वांला में पहाड़ी दरकने के कारण टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को दिनभर पहिये थमे रहे। पहाड़ और मैदान का सड़क संपर्क शनिवार रात साढ़े दस बजे से बंद है। प्रदेश में बारिश के चलते हुए भूस्खलन और बोल्डर आने से दो नेशनल हाईवे समेत कुल 167 सड़कें बंद हैं। शनिवार रात साढ़े दस बजे टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला में पहाड़ी दरकने मलबा आ गया। इससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सुबह से शाम तक दोनों तरफ 150 से अधिक वाहन फंसे रहे। बाद में इन वाहनों और इसमें फंसे यात्रियों को प्रशासन ने वापस भेजा। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार रविवार दोपहर दो बजे बाद काम शुरू हुआ लेकिन बीच-बीच में मलबा आने से काम रोकना पड़ा। एनएच खंड के ईई सुनील कुमार ने बताया कि सड़क खोलने के लिए दो मशीनें लगाई गईं लेकिन देर शाम तक मलबा नहीं हटाया जा सका। सोमवार सुबह तक सड़क खुलने के आसार हैं।
एनएच बंद होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। टनकपुर और चंपावत की ओर से आवाजाही को रोक दिया गया। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने मौका मुआयना कर तेजी से काम करने के एनएच खंड को निर्देश दिए। फंसे यात्रियों के लिए पानी और बिस्किट की व्यवस्था की गई। उधर, भारी मलबे से स्वांला में सड़क के 30 मीटर हिस्से के टूटने से सड़क के नीचे की सुरक्षा दीवार को भी नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ और चंपावत लाए जा रहे दो शव भी घंटों फंसे रहे। राजस्व कर्मियों ने मजदूरों की मदद से एक शव को दो किमी पैदल पहाड़ी रास्ते से ढोकर सड़क की दूसरी तरफ पहुंचाया जबकि दूसरे शव को परिजन वापस लेकर हल्द्वानी होकर पिथौरागढ़ ले गए। चंपावत के बाजरीकोट की बसंती देवी (65) पत्नी लक्ष्मण राम की ऋषिकेश एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। एंबुलेंस से बसंती के शव को चंपावत लाया जा रहा था। बाद में चंपावत से गए पिकअप में शव को लाया गया।
मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले वाहनों का मार्ग बदलने के बाद देवीधुरा होकर भेजा गया। आपातकालीन स्थिति में छोटे वाहनों को सूखीढांग-डांडा-मीडार (एसडीएम) मार्ग से भेजा गया है। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि एहतियातन टनकपुर में ककरालीगेट और चंपावत में कोतवाली और बनलेख के पास वाहनों को रोका गया है। स्वांला के पास पहाड़ी दरकने से रोडवेज सेवा पर असर पड़ा है। रविवार को रोडवेज की लोहाघाट से हल्द्वानी की एकमात्र बस चली लेकिन 23 किमी दूर स्वांला में यह बस भी फंस गई। लोहाघाट से एक भी बस का संचालन नहीं हुआ। वाहनों को पाटी-देवीधुरा होकर भेजा गया।