खटीमा। करंट लगने से छुट्टी पर घर आए असम राइफल्स के हवलदार की मौत हो गई। हवलदार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। ग्राम बिल्हरी चकरपुर निवासी हरी चंद (47) पुत्र फिरता सिंह राणा 34 असम राइफल्स में हवलदार थे। आजकल वह छुट्टी पर घर आए थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घर पर इनवर्टर में तकनीकी खराबी को सही करते समय उन्हें करंट लग गया।
वहां मौजूद बड़ी बेटी पिंकी ने शोर मचाया तो परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें बेहोशी की हालत में इनवर्टर से अलग किया। परिजन उन्हें उप जिला चिकित्सालय लाए जहां डॉ. नेहा महर ने हवलदार हरी चंद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक हवलदार हरी चंद की पत्नी राजेश्वरी देवी, पुत्री पिंकी (22), शिवानी (18) एवं अभय (5) शोकाकुल हैं। हरी चंद चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। सबसे बड़े भाई मोहन सिंह राणा, अमीरा सिंह राणा और सबसे छोटे भाई दलीप सिंह राणा हैं। दलीप भी असम राइफल्स में सेवारत हैं। सैनिक छावनी बनबसा में तैनात यूनिट 8 जेकलाई कर्नल संकल्प राठौर के नेतृत्व में हवलदार हरी चंद को अंतिम सलामी दी गई। भतीजे मान सिंह राणा एवं प्रेम सिंह राणा ने चिता को मुखाग्नि दी। वहां सेवानिवृत्त सूबेदार मोहन सिंह भंडारी, राजेंद्र पंत, विनोद राजपूत, महेश अग्रवाल, गोपाल भट्ट, अजय पोखरिया, पूर्व प्रधान संदीप राणा, विक्रम प्रसाद, पूरन राणा, देवी राणा, पिंटू राणा, सुरेंद्र राणा आदि थे।
हरी चंद को 29 अगस्त को ड्यूटी पर लौटना था
खटीमा। मोहन सिंह राणा ने बताया कि भाई 34 असम राइफल्स में सेवारत थे। इन दिनों उनकी तैनाती जम्मू में थी। वह रक्षाबंधन मनाने के लिए 10 अगस्त को छुट्टी लेकर घर आए थे। उन्हें 29 अगस्त को अपने तैनाती स्थल पर लौटना था।